मौद्रिक समग्र माप के रूप में M2 का विकास
फेडरल रिजर्व के M2 मौद्रिक समग्र माप, इसके घटकों और हाल के बदलावों का विश्लेषण।
स्रोत: FRED Blog
भारतीय पाठक जिस तरह अपने केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति, रुपये की चाल और खुदरा महंगाई पर नजर रखते हैं, उसी तरह वैश्विक बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के धन-आपूर्ति संकेतकों को बारीकी से देखते हैं। मुद्रा आपूर्ति का कोई भी पुनर्निर्धारण सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहता; यह उभरते बाजारों की ब्याज दरों, विदेशी निवेश और रुपये के बाह्य मूल्य तक लहरें भेजता है।
फेडरल रिजर्व के मौद्रिक समग्र माप अर्थव्यवस्था में धन-आपूर्ति का व्यापक चित्र प्रस्तुत करते हैं। इनमें M2 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तत्काल उपयोग के लिए उपलब्ध धन की तरलता को दर्शाता है। यह लेख M2 की जटिलताओं, इसके घटकों और इस मौद्रिक समग्र में हाल ही में किए गए समायोजनों की पड़ताल करता है।
मुख्य तथ्य
M2 धन का एक व्यापक माप है, जिसमें नकद, चालू जमा और कुछ प्रकार की आसानी से परिवर्तनीय परिसंपत्तियाँ शामिल होती हैं। इसमें व्यक्तिगत सेवानिवृत्ति खाते (IRA) और कीओ खाते जैसी गैर-तरल परिसंपत्तियाँ शामिल नहीं हैं, क्योंकि समय से पहले निकासी पर जुर्माना लगता है। जून 2026 तक M2 का आकार 23 ट्रिलियन डॉलर था।
M2 की संरचना में शामिल हैं:
- M1: नकद तथा चालू/बचत खाते, जिन्हें FRED ग्राफ में नीले रंग में दिखाया गया है।
- छोटी अवधि की सावधि जमाएँ: हरे रंग में दर्शाई गई हैं।
- खुदरा मनी मार्केट फंड: भूरे रंग में दर्शाए गए हैं।
- IRA और कीओ शेष: बैंगनी रंग में दर्शाए गए हैं और कुल M2 मूल्य से घटाए जाते हैं।
हाल के बदलावों में IRA और कीओ शेष को M2 में गिनने का तरीका बदला गया है। 28 जुलाई 2026 से ये शेष अब छोटी अवधि की सावधि जमाओं और खुदरा मनी मार्केट फंडों के व्यक्तिगत मूल्यों से घटाने के बजाय कुल M2 से घटाए जाते हैं। इस समायोजन का कुल M2 मूल्य पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा है, लेकिन इन घटकों की पुनर्गणना बदल गई है।
विश्लेषण
पहले IRA और कीओ शेष को M2 में इस धारणा के आधार पर शामिल किया जाता था कि ये निधियाँ कम तरल हैं। हाल के सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि इन शेषों का बढ़ता हिस्सा बचत और चालू प्रकार के खातों में रखा जा रहा है, जिससे ये पहले की तुलना में अधिक तरल हो गए हैं। इस बदलाव ने फेडरल रिजर्व को M2 की गणना समायोजित करने के लिए प्रेरित किया, जिससे धन-आपूर्ति का अधिक सटीक माप प्रतिबिंबित होता है।
M2 का यह समायोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था की तरलता के बारे में फेडरल रिजर्व की समझ और उसके नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करता है। धन की उपलब्धता का अधिक सटीक माप प्रदान करके फेडरल रिजर्व महंगाई नियंत्रित करने या आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए मौद्रिक नीति समायोजन की आवश्यकता का बेहतर आकलन कर सकता है। भारत में भी RBI समय-समय पर मुद्रा समग्रों की परिभाषा और उनके मापन के तरीके को संशोधित करता रहता है, ताकि नीति निर्माण के लिए तरलता का सही चित्र मिल सके।
निहितार्थ
M2 में बदलावों के बाजारों और निवेशकों दोनों के लिए निहितार्थ हैं। निवेशकों को अर्थव्यवस्था में धन-आपूर्ति और तरलता की स्थितियों के अपने आकलन को समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि संशोधित M2 आँकड़ा समग्र तरलता परिदृश्य का भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकता है। बाजारों के लिए, M2 की संरचना में बदलाव ब्याज दर निर्णयों और अन्य मौद्रिक नीति कदमों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि फेडरल रिजर्व अपनी निर्णय प्रक्रिया में संशोधित आँकड़ों पर विचार करता है।
M2 जैसे मौद्रिक समग्रों का फेडरल रिजर्व द्वारा निरंतर परिष्करण वित्तीय प्रणाली की बदलती प्रकृति और सटीक तथा प्रासंगिक आर्थिक संकेतकों की आवश्यकता को दर्शाता है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था नए वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के अनुरूप ढलती है, वैसे-वैसे उसके आकलन के लिए उपयोग किए जाने वाले मापों को भी बदलना पड़ता है।
M2 और उसके घटकों की बारीकियों को समझकर अर्थशास्त्री, निवेशक और नीति निर्माता जटिल मौद्रिक परिदृश्य में बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकते हैं और ऐसे सूचित निर्णय ले सकते हैं जो अर्थव्यवस्था के समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
इस बदलाव का भारतीय पाठकों के लिए अर्थ यह है कि अमेरिकी धन-आपूर्ति के आँकड़ों में संशोधन वैश्विक तरलता और जोखिम-भावना को प्रभावित कर सकता है। जब फेडरल रिजर्व तरलता का अधिक सटीक चित्र पेश करता है, तो वैश्विक ब्याज दरों और डॉलर की दिशा पर उसका असर भारतीय परिसंपत्ति बाजारों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश और रुपये की विनिमय दर तक पहुँच सकता है। इसलिए भारतीय निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे ऐसे वैश्विक मौद्रिक संकेतकों को अपनी घरेलू तरलता और महंगाई की स्थिति के साथ जोड़कर देखें।